8th Pay Commission New Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। करोड़ों सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी के लिए बनाए गए इस आयोग में अब तेजी से काम हो रहा है। सरकार ने आयोग में नई नियुक्तियां की हैं और कर्मचारियों से सुझाव मांगने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ये सभी कदम बताते हैं कि वेतन वृद्धि की दिशा में सरकार गंभीरता से आगे बढ़ रही है।
फिलहाल 8th Pay Commission से जुड़े तीन बड़े अपडेट सामने आए हैं जिन पर हर कर्मचारी और पेंशनर की नजर टिकी हुई है। इन अपडेट में आयोग में नई नियुक्ति, सुझाव मांगने की प्रक्रिया और संसद में दी गई जानकारी शामिल है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ये अपडेट क्या हैं और इनका कर्मचारियों पर क्या असर पड़ सकता है। यह जानकारी हर सरकारी कर्मचारी के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि इससे उनके भविष्य की आर्थिक स्थिति तय होगी।
8वें वेतन आयोग में डायरेक्टर की नियुक्ति हुई
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग में एक अहम पद पर नियुक्ति करके बड़ा कदम उठाया है। कार्मिक विभाग की आधिकारिक सूचना के मुताबिक भारतीय रेलवे लेखा सेवा के वरिष्ठ अधिकारी कृष्णा वीआर को प्रतिनियुक्ति के आधार पर 8th Pay Commission में डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति से मंजूरी मिल चुकी है। यह पद वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अंतर्गत केंद्रीय स्टाफिंग स्कीम के तहत भरा गया है।
सूत्रों के अनुसार कृष्णा वीआर की यह प्रतिनियुक्ति अगली सूचना मिलने तक या 17 सितंबर 2029 तक जारी रहेगी। इतनी लंबी अवधि के लिए नियुक्ति से साफ संकेत मिलते हैं कि सरकार वेतन आयोग के काम को लेकर पूरी तरह गंभीर है। इस नियुक्ति के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि वेतन और पेंशन बढ़ोतरी से जुड़ी प्रक्रिया में तेजी आएगी। कर्मचारी संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है और माना है कि यह आयोग के सुचारू संचालन के लिए जरूरी था।
कर्मचारियों और पेंशनर्स से मांगे जा रहे सुझाव
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए एक आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है जहां से कर्मचारी, पेंशनर्स और विभिन्न मंत्रालय अपने सुझाव भेज सकते हैं। यह सुझाव सैलरी, पेंशन, वार्षिक इंक्रीमेंट, फिटमेंट फैक्टर और विभिन्न भत्तों से संबंधित मुद्दों पर मांगे जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी ताकि लोग बिना किसी डर के अपनी बात खुलकर रख सकें।
सुझाव भेजने की आखिरी तारीख 16 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि केवल ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त सुझाव ही स्वीकार किए जाएंगे और किसी अन्य तरीके जैसे डाक या ईमेल से भेजे गए सुझाव मान्य नहीं होंगे। यह कदम सरकार की पारदर्शिता और डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कर्मचारियों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपने सुझाव जरूर दर्ज करवाएं ताकि उनकी आवाज आयोग तक पहुंच सके।
MyGov पोर्टल के माध्यम से सुझाव भेजने की प्रक्रिया
सरकार ने सुझाव देने की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाया है ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी और पेंशनर्स इसमें भाग ले सकें। इसके लिए MyGov पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है जहां एक विस्तृत प्रश्नावली उपलब्ध कराई गई है। इस प्रश्नावली में कुल 18 सवाल हैं जो सैलरी, पेंशन, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य भत्तों से जुड़े विषयों को कवर करते हैं। कर्मचारी अपने अनुभव और जरूरतों के आधार पर इन सवालों के जवाब दे सकते हैं।
आयोग ने बार-बार स्पष्ट किया है कि सिर्फ MyGov पोर्टल के माध्यम से भेजे गए सुझाव ही मान्य माने जाएंगे। ईमेल, व्हाट्सएप या किसी अन्य प्लेटफॉर्म से भेजी गई राय को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि सभी सुझावों को एक ही जगह पर व्यवस्थित तरीके से एकत्र किया जा सके। इससे यह भी साफ होता है कि सरकार सीधे कर्मचारियों की राय लेकर वेतन आयोग की सिफारिशों को तैयार करना चाहती है जिससे फैसले ज्यादा संतुलित और व्यावहारिक हो सकें।
संसद में 8वें वेतन आयोग पर दी गई जानकारी
हाल ही में संसद में 8वें वेतन आयोग को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सदन को बताया कि आयोग के गठन से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और इसकी आधिकारिक अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी की गई थी। आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है जो एक मानक प्रक्रिया है।
इस समय सीमा के अनुसार विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें साल 2027 की शुरुआत तक आ सकती हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि संभावना जताई जा रही है कि कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर के साथ लाभ दिया जा सकता है। इसका मतलब है कि जब भी नई सैलरी लागू होगी, कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लेकर लागू होने की तारीख तक का बकाया एकमुश्त मिल सकता है। यह कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की बात है क्योंकि इससे उन्हें एक साथ अच्छी खासी रकम मिल सकती है।
फिटमेंट फैक्टर और सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीदें
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था जिससे कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई थी। अब 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठन 2.86 से 3.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। अगर यह मांग मान ली जाती है तो कर्मचारियों की सैलरी में करीब 180 से 200 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। उदाहरण के लिए अगर किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी 18000 रुपये है तो नए फिटमेंट फैक्टर के बाद यह बढ़कर 51000 से 54000 रुपये हो सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार आर्थिक स्थिति को देखते हुए संतुलित फैसला लेगी। महंगाई दर, सरकारी खजाने की स्थिति और अर्थव्यवस्था की विकास दर को ध्यान में रखकर ही अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय किया जाएगा। फिर भी कर्मचारियों को उम्मीद है कि पिछले कुछ सालों में महंगाई में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए उन्हें अच्छी सैलरी वृद्धि मिलेगी। पेंशनर्स के लिए भी न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और विभिन्न समाचार स्रोतों और सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। 8वें वेतन आयोग से जुड़ी सभी जानकारियां अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई हैं और भविष्य में बदल सकती हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या अधिसूचना की जांच अवश्य करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी तरह की गलत जानकारी या इस लेख के आधार पर लिए गए निर्णयों के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।





