E-Shram Card Yojana: इस देश की नींव उन हाथों से बनी है जो रोज सूरज उगने से पहले उठ जाते हैं और रात तक खटते रहते हैं। ईंट-पत्थर उठाने वाले मजदूर, खेतों में पसीना बहाने वाले किसान, सड़क किनारे सब्जी बेचने वाले, घरों में काम करने वाली महिलाएँ ये सब असंगठित क्षेत्र के वे लोग हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को चलाते हैं, लेकिन जिनके पास न पक्की नौकरी है, न पेंशन और न बुढ़ापे की कोई गारंटी। इन्हीं मेहनतकश लोगों की जिंदगी को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने E-Shram Card Yojana शुरू की है, जिसके तहत हर महीने ₹2500 तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
E-Shram Card Yojana क्या है और यह किसके लिए है
E-Shram Card Yojana केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जो असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों मजदूरों को एक आधिकारिक पहचान और सरकारी सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है। इस कार्ड के जरिए सरकार एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करती है जिससे यह पता चलता है कि देश में कितने असंगठित मजदूर हैं और उन्हें किस प्रकार की मदद की जरूरत है। यह कार्ड बनवाने के बाद मजदूर सरकार की कई योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकते हैं।
यह योजना उन सभी लोगों के लिए है जो आयकर नहीं भरते और जिनके पास कोई नियमित सरकारी या संगठित क्षेत्र की नौकरी नहीं है। इसमें निर्माण मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामकाजी महिलाएँ, खेतिहर मजदूर, ड्राइवर, दर्जी और ऐसे तमाम लोग शामिल हैं जो रोज मेहनत करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। E-Shram Card Yojana इन सभी को सामाजिक सुरक्षा की छतरी के नीचे लाने का काम करती है।
हर महीने ₹2500 की सहायता कैसे मिलती है
E-Shram Card से जुड़े मजदूरों को राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता भेजी जाती है। इसके अलावा PM श्रम योगी मानधन योजना से जुड़ने पर 60 वर्ष की आयु के बाद हर महीने ₹3000 तक की पेंशन मिलती है। कई राज्यों में E-Shram Card धारकों को हर महीने ₹1000 से ₹2500 तक की नकद सहायता राशि सीधे DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से दी जाती है।
यह राशि मजदूर के पंजीकृत बैंक खाते में सीधे आती है, जिससे किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ती और पैसा पूरा का पूरा मजदूर को मिलता है। सरकार समय-समय पर E-Shram Card धारकों के लिए नई सहायता राशि और योजनाएँ भी घोषित करती रहती है। इसलिए जिन मजदूरों ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, उन्हें जल्द से जल्द पंजीकरण करा लेना चाहिए ताकि कोई भी लाभ छूटने न पाए।
PM श्रम योगी मानधन योजना बुढ़ापे की असली गारंटी
E-Shram Card के साथ PM श्रम योगी मानधन योजना को जोड़ने पर मजदूर को बुढ़ापे में पेंशन की सुविधा मिलती है। 18 से 40 साल के बीच का कोई भी असंगठित मजदूर इस योजना में पंजीकरण करा सकता है। इसमें उम्र के हिसाब से हर महीने ₹55 से ₹200 तक का योगदान देना होता है और उतनी ही राशि सरकार भी अपनी तरफ से मिलाती है। यह एक बेहद किफायती और भरोसेमंद पेंशन योजना है।
जब मजदूर 60 साल की उम्र पूरी कर लेता है तो उसे हर महीने ₹3000 की पेंशन जीवन भर मिलती रहती है। बुढ़ापे में जब शरीर काम करने लायक नहीं रहता, तब यह पेंशन दवाइयों, खाने-पीने और रोजमर्रा के खर्चों के लिए एक पक्का सहारा बन जाती है। इससे मजदूर को बुढ़ापे में किसी का मुँह नहीं ताकना पड़ता और वह आत्मसम्मान के साथ अपना जीवन जी सकता है।
दुर्घटना बीमा मुश्किल वक्त का साथी
E-Shram Card Yojana में पेंशन के अलावा दुर्घटना बीमा की सुविधा भी दी जाती है जो मजदूरों के परिवार के लिए बेहद जरूरी है। निर्माण स्थलों पर, खेतों में या किसी भी खतरनाक काम में कभी भी हादसा हो सकता है। अगर किसी E-Shram Card धारक मजदूर की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि उस परिवार के लिए एक बड़ा सहारा होती है।
अगर दुर्घटना में मजदूर आंशिक रूप से विकलांग हो जाता है यानी उसके शरीर का कोई अंग काम करना बंद कर दे, तो ₹1 लाख की सहायता राशि दी जाती है। यह बीमा कवर उन गरीब परिवारों के लिए जीवनरक्षक होता है जिनके घर का पूरा बोझ एक ही कमाने वाले के कंधों पर होता है। E-Shram Card की यह सुविधा मजदूरों को न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक सुरक्षा भी देती है।
E-Shram Card कैसे बनवाएँ पूरी प्रक्रिया
E-Shram Card बनवाना बिल्कुल मुफ्त है और इसकी प्रक्रिया बेहद आसान है। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए eshram.gov.in पोर्टल पर जाएँ और अपने आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें। जो लोग इंटरनेट नहीं चला सकते वे अपने नजदीकी CSC यानी Common Service Center या जन सेवा केंद्र पर जाकर भी कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी काफी है।
रजिस्ट्रेशन के बाद मजदूर को एक 12 अंकों का UAN नंबर यानी Universal Account Number मिलता है और E-Shram Card डाउनलोड किया जा सकता है। इस कार्ड को PM श्रम योगी मानधन योजना से जोड़कर पेंशन का रास्ता भी खोला जा सकता है। एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद मजदूर सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र हो जाता है और भविष्य में आने वाली नई योजनाओं का फायदा भी सीधे उठा सकता है।
कौन-कौन से मजदूर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं
E-Shram Card Yojana का लाभ उठाने के लिए मजदूर की उम्र 16 से 59 साल के बीच होनी चाहिए और वह आयकरदाता नहीं होना चाहिए। इसमें निर्माण मजदूर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, घरेलू कामगार, प्रवासी मजदूर, खेतिहर मजदूर, मछुआरे, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगर सभी शामिल हैं। देश के किसी भी कोने में काम करने वाला असंगठित मजदूर इस योजना में पंजीकरण करा सकता है।
महिला मजदूरों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभदायक है क्योंकि यह उन्हें न केवल आर्थिक सुरक्षा देती है बल्कि एक सरकारी पहचान भी प्रदान करती है। घर में काम करने वाली महिलाएँ, आँगनवाड़ी से बाहर काम करने वाली, खेतों में मेहनत करने वाली सभी इस योजना का लाभ ले सकती हैं। जागरूकता के अभाव में लाखों पात्र लोग अब भी इससे वंचित हैं, इसलिए जरूरी है कि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। E-Shram Card Yojana और इससे जुड़ी योजनाओं की शर्तें, पात्रता और लाभ सरकारी अधिसूचनाओं के अनुसार बदल सकते हैं। सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए कृपया आधिकारिक पोर्टल eshram.gov.in पर जाएँ या अपने नजदीकी CSC केंद्र से संपर्क करें।





