बीएड-डीएलएड नहीं अब इस कोर्स से बनें शिक्षक, 12वीं पास के लिए शुरू हुए आवेदन ITEP Bed News

By: Olivia

On: February 18, 2026 11:41 AM

ITEP Bed News

ITEP Bed News: भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अब शिक्षक बनने के लिए पारंपरिक बीएड या डीएलएड की जगह चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) की शुरुआत हो रही है। यह कार्यक्रम 12वीं कक्षा उत्तीर्ण छात्रों के लिए सीधा मार्ग प्रदान करता है। इस नए मॉडल के तहत विद्यार्थी स्नातक और शिक्षक प्रशिक्षण दोनों एक साथ प्राप्त कर सकते हैं।

यह बदलाव शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता और दक्षता दोनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाया गया है। ITEP कार्यक्रम के माध्यम से अब शिक्षक बनने की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और समयबद्ध हो गई है। 2026-27 सत्र से कई प्रमुख संस्थानों में इस कोर्स की शुरुआत होने जा रही है। छात्रों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए समय पर आवेदन करना होगा और पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा।

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पारंपरिक बीएड और ITEP में मुख्य अंतर

पुरानी व्यवस्था में छात्रों को पहले तीन साल का स्नातक कोर्स पूरा करना पड़ता था और उसके बाद दो साल या एक साल का बीएड करना होता था। इस तरह कुल मिलाकर चार से पांच साल का समय लगता था। लेकिन नए ITEP मॉडल में यह पूरी प्रक्रिया केवल चार वर्षों में समाप्त हो जाती है। इस कोर्स में विषय ज्ञान और शिक्षण कौशल का समन्वित विकास होता है।

उदाहरण के लिए अगर कोई विद्यार्थी गणित का शिक्षक बनना चाहता है तो वह बीएससी-बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश ले सकता है। इसमें गणित विषय की गहन पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षण विधियों, कक्षा प्रबंधन और छात्र मनोविज्ञान का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। यह एकीकृत दृष्टिकोण शिक्षकों को बेहतर तरीके से तैयार करता है और समय की भी बचत करता है।

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ITEP में प्रवेश प्रक्रिया और NCET परीक्षा

इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में प्रवेश पाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET) देना अनिवार्य है। यह परीक्षा मेरिट आधारित होती है और इसके स्कोर के आधार पर विभिन्न संस्थानों में सीटें आवंटित की जाती हैं। परीक्षा में सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति, भाषा कौशल और शिक्षण योग्यता से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

केवल 12वीं पास होना ही पर्याप्त नहीं है। अभ्यर्थी को न्यूनतम अंक प्रतिशत हासिल करना होता है और विषय संयोजन भी निर्धारित मानदंडों के अनुसार होना चाहिए। विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बीएससी-बीएड और कला वर्ग के लिए बीए-बीएड जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाती है।

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ITEP कोर्स की फीस संरचना और अनुमानित खर्च

चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कार्यक्रम की कुल फीस लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये के बीच हो सकती है। इसमें ट्यूशन फीस, सेमेस्टर शुल्क, पंजीकरण शुल्क और विभिन्न संस्थागत चार्ज शामिल होते हैं। यह राशि संस्थान के प्रकार और उसकी सुविधाओं के आधार पर भिन्न हो सकती है। सरकारी संस्थानों में यह फीस निजी संस्थानों की तुलना में कम होती है।

फीस के अलावा छात्रों को रहने-खाने, किताबों और अन्य शैक्षणिक सामग्री का भी बजट बनाना होता है। अगर छात्रावास की सुविधा मिल जाती है तो रहने का खर्च नियंत्रित रहता है। लेकिन बाहर रहने की स्थिति में मासिक किराया और भोजन का अतिरिक्त व्यय जोड़ना होगा। इसलिए प्रवेश से पहले कुल खर्च का सटीक आकलन कर लेना चाहिए और वित्तीय योजना बनानी चाहिए।

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2030 के बाद ITEP की अनिवार्यता और भविष्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार वर्ष 2030 के बाद स्कूल शिक्षकों की भर्ती के लिए चार वर्षीय ITEP को प्राथमिक योग्यता माना जा सकता है। शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि भविष्य में शिक्षक पात्रता परीक्षाओं और भर्तियों में यह नया मानदंड लागू होगा। यह बदलाव शिक्षक शिक्षा को अधिक मानकीकृत और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसका मतलब है कि जो छात्र अभी ITEP कोर्स करेंगे वे भविष्य की शिक्षक भर्तियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे। पारंपरिक बीएड धारकों को भी इस नई व्यवस्था के अनुसार खुद को अपडेट करना होगा। हालांकि अंतिम कार्यान्वयन और राज्यवार नीतियां अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए छात्रों को नवीनतम अधिसूचनाओं और सरकारी दिशानिर्देशों पर नजर रखनी चाहिए।

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ITEP कोर्स से किन छात्रों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो 12वीं के बाद ही शिक्षक बनने का स्पष्ट लक्ष्य रखते हैं। जिन विद्यार्थियों को अपने विषय में रुचि है और वे उसे पढ़ाना चाहते हैं उनके लिए यह एक आदर्श विकल्प है। इस मॉडल से समय की बचत होती है और करियर में जल्दी स्थापित होने का मौका मिलता है। विज्ञान, कला और वाणिज्य सभी वर्गों के छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं।

हालांकि छात्रों को कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। फिलहाल सीटों की संख्या सीमित है और प्रतिस्पर्धा काफी अधिक हो सकती है। इसलिए NCET परीक्षा की अच्छी तैयारी जरूरी है। साथ ही अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करना और संस्थान की मान्यता की जांच करना भी महत्वपूर्ण है। केवल नए कोर्स के आकर्षण में आकर निर्णय लेने के बजाय अपनी रुचि और दीर्घकालिक योजना को प्राथमिकता देनी चाहिए।

ITEP आवेदन के समय रखें इन बातों का खास ध्यान

आवेदन करने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी जानकारी पढ़ना अनिवार्य है। पात्रता मानदंड, सीट संख्या, आरक्षण नीति और प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी वहां उपलब्ध होती है। NCET परीक्षा की तिथि, आवेदन की अंतिम तारीख और अन्य महत्वपूर्ण तिथियों को नोट कर लें। सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे 12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र आदि पहले से तैयार रखें।

संस्थान की एनसीटीई (NCTE) मान्यता की पुष्टि अवश्य करें क्योंकि बिना मान्यता प्राप्त संस्थान से की गई डिग्री भविष्य में समस्या पैदा कर सकती है। संस्थान के प्लेसमेंट रिकॉर्ड और पूर्व छात्रों के अनुभव भी देख सकते हैं। किसी भी तरह की गलत सूचना या धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। शंका होने पर संस्थान के प्रवेश कार्यालय से सीधे संपर्क करें।

शिक्षक शिक्षा में ITEP की भूमिका और महत्व

भारतीय शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण कारक है। लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि शिक्षक प्रशिक्षण में सुधार की आवश्यकता है। पारंपरिक मॉडल में विषय ज्ञान और शिक्षण कौशल के बीच समन्वय की कमी थी। ITEP इस खाई को पाटने का प्रयास करता है। इसमें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जाता है।

इस एकीकृत मॉडल से निकले शिक्षक कक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। उन्हें विषय की गहरी समझ और छात्रों को पढ़ाने के आधुनिक तरीकों का ज्ञान होगा। हालांकि किसी भी कार्यक्रम की सफलता केवल पाठ्यक्रम से नहीं बल्कि उसके क्रियान्वयन, फैकल्टी की गुणवत्ता और इंटर्नशिप की प्रभावशीलता पर निर्भर करती है। आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे यह व्यवस्था परिपक्व होगी इसके परिणाम स्पष्ट होंगे।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। ITEP कोर्स की फीस, पात्रता मानदंड, सीट संख्या, प्रवेश प्रक्रिया और भर्ती नियम संस्थान और सरकारी अधिसूचनाओं के अनुसार परिवर्तित हो सकते हैं। कोई भी निर्णय लेने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी की पुष्टि अवश्य करें। NCET परीक्षा और ITEP प्रवेश से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तिथियों और दिशानिर्देशों के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर निर्भर रहें। यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से है और किसी भी प्रकार की गारंटी या कानूनी सलाह नहीं देता।

Olivia Grace is a writer and editor at a leading news website. She covers government schemes, latest news, technology, and automobiles. Known for her clear and reliable writing, she focuses on delivering accurate and easy-to-understand information to readers.

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