PM Ujjwala Yojana: भारत की करोड़ों गरीब महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एक वरदान साबित हुई है। आज भी देश के कई इलाकों में महिलाएं लकड़ी, कोयले और उपलों पर खाना बनाने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें धुएं के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं महिलाओं की जिंदगी में खुशहाली लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। यह योजना न सिर्फ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देती है, बल्कि पहला रिफिल, गैस चूल्हा और हर सिलेंडर पर ₹300 तक की सब्सिडी भी प्रदान करती है।
उज्ज्वला 2.0 के तहत अब तक 10 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ मिल चुका है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 25 लाख नए कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 9200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ रसोई ईंधन यानी एलपीजी गैस कनेक्शन मुहैया कराना था। गांवों और दूरदराज के इलाकों में महिलाएं पारंपरिक चूल्हों पर खाना बनाती थीं, जिससे उत्पन्न होने वाला धुआं उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक था। धुएं से सांस की बीमारियां, आंखों में जलन, खांसी और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं होती थीं।
योजना का नारा “स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन” है और यह सही मायने में लाखों महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है। पहले जहां महिलाओं को जंगल से लकड़ियां इकट्ठा करने में घंटों समय बर्बाद होता था, वहीं अब उन्हें गैस कनेक्शन मिलने से समय की बचत हो रही है। धुआं रहित रसोई में खाना बनाने से उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और अन्य जरूरी कामों पर ध्यान दे पा रही हैं।
उज्ज्वला 2.0 में मिलने वाले लाभ और सुविधाएं
अगस्त 2021 में सरकार ने उज्ज्वला योजना को और बेहतर बनाते हुए उज्ज्वला 2.0 लॉन्च किया। इस नए संस्करण में कई अतिरिक्त लाभ जोड़े गए हैं। अब लाभार्थी महिलाओं को पूरा गैस कनेक्शन बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है, जिसमें सिलेंडर की सुरक्षा जमा राशि, रेगुलेटर, पाइप और इंस्टॉलेशन शुल्क शामिल हैं। सरकार प्रत्येक कनेक्शन के लिए करीब 1600 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिससे गरीब परिवारों पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ता।
इसके अलावा कनेक्शन लेते समय पहला गैस सिलेंडर भी पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है। साथ ही एक गैस चूल्हा भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के प्रदान किया जाता है। सबसे बड़ी राहत यह है कि उज्ज्वला लाभार्थियों को 14.2 किलो के प्रत्येक सिलेंडर पर ₹300 तक की सब्सिडी मिलती है और यह सुविधा साल में अधिकतम 9 रिफिल तक उपलब्ध रहती है। यानी सालाना करीब ₹2700 तक की बचत हो सकती है, जो गरीब परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता मानदंड
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लेने के लिए कुछ निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं। सबसे पहले आवेदन करने वाली महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। उसका परिवार गरीबी रेखा से नीचे यानी बीपीएल श्रेणी में आना चाहिए। यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पहले से किसी भी तेल कंपनी का एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए। अगर परिवार में पहले से गैस कनेक्शन है तो आवेदन रद्द हो सकता है।
सरकार ने कुछ विशेष वर्गों को इस योजना में प्राथमिकता दी है। इनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवार, अंत्योदय अन्न योजना कार्ड धारक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थी, वनवासी परिवार और द्वीप क्षेत्रों में रहने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग, चाय बागान और पूर्व चाय बागान जनजाति तथा नदी के द्वीपों में रहने वाले परिवारों को भी प्राथमिकता मिलती है। अगर आप इन श्रेणियों में आते हैं तो आपको योजना का लाभ जल्दी मिल सकता है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज आधार कार्ड है, जिसमें आवेदिका और परिवार के सभी वयस्क सदस्यों की जानकारी होनी चाहिए। बीपीएल राशन कार्ड या परिवार की पहचान का प्रमाण देना आवश्यक है। इसके अलावा बैंक खाता विवरण भी जरूरी है क्योंकि सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है।
आवेदिका की पासपोर्ट साइज फोटो भी संलग्न करनी होती है। अगर आप प्रवासी परिवार से हैं तो स्व-घोषणा पत्र भी मांगा जा सकता है। कुछ मामलों में निवास प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता हो सकती है। सभी दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य होने चाहिए। आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी जरूरी कागजात उपलब्ध हैं, ताकि आवेदन प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
उज्ज्वला योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना बेहद आसान है। आप अपनी पसंदीदा गैस कंपनी जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (इंडेन), भारत पेट्रोलियम (भारत गैस) या हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी गैस) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। वेबसाइट पर उज्ज्वला 2.0 नया कनेक्शन का विकल्प चुनें। फिर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी वेरिफिकेशन करें। इसके बाद आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें और मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
ऑफलाइन आवेदन के लिए आप अपने नजदीकी गैस एजेंसी या डिस्ट्रीब्यूटर के कार्यालय में जा सकती हैं। वहां से उज्ज्वला योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें। जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी संलग्न करके फॉर्म एजेंसी में जमा कर दें। एजेंसी द्वारा आपके दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने पर कुछ दिनों में आपके घर पर मुफ्त गैस कनेक्शन स्थापित कर दिया जाएगा।
2026 में योजना का विस्तार और नए लक्ष्य
वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को और अधिक मजबूती मिली है। सरकार ने इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में करीब 9200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। इस राशि से अधिक से अधिक गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य है। जनवरी 2026 तक देशभर में 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी इस योजना से जुड़ चुके हैं, जो इसकी सफलता का प्रमाण है।
चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 25 लाख नए कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी है। खुशी की बात यह है कि लाभार्थियों की औसत रिफिल खपत में भी वृद्धि देखी गई है, जिससे स्पष्ट होता है कि महिलाएं अब नियमित रूप से एलपीजी गैस का उपयोग कर रही हैं और पारंपरिक चूल्हों पर निर्भरता कम हुई है। योजना के सफल कार्यान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के मानकों में सुधार हुआ है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़ी शर्तें, लाभ, पात्रता मानदंड और नियम समय-समय पर सरकार द्वारा बदले जा सकते हैं। आवेदन करने से पहले कृपया संबंधित गैस एजेंसी या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम और सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि या अद्यतन जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल को प्राथमिकता दें।





